Cg board class 10th Social Science October assignment-3 solution 2021 | सी. जी. बोर्ड सामाजिक विज्ञान असाइमेंट 3 सॉल्यूशन कक्षा 10

Cg board assignment-3 solution class 10th Social Science

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Cg board assignment 3 solution October

हेलो दोस्तों स्वागत एक और नई पोस्ट में ।इस पोस्ट में हम Cg board assignment -3 October month (माह) का solution बताया जाएगा ।हमारी इस वेबसाइट के माध्यम से आपको October के cg board assignment 3 के सभी विषयों के उत्तर हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में प्रोवाइड किए जाएंगे ।आप इस वेबसाइट aglase.com की मदद से cg board assignment-3 class 10th & 12th के सभी विषयों के हलऔर उनकी पीडीएफ भी फ्री में डाउनलोड कर पाएंगे ।आपको असाइनमेंट -03 October month के कक्षा 10वीं और कक्षा बारहवीं के सभी विषयों के उत्तर प्रदान कराए जाएंगे ।cg board assignment-3 से पहले आपके assignment -02 & assignment -01 लिए गए थे ।

Cg board assignment 3 solution sst

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर

शैक्षणिक सत्र 2021- 22 माह अक्टूबर

असाइनमेंट- 03

कक्षा- दसवीं

विषय- सामाजिक विज्ञान

प्रश्न-1 मोटे अनाजों के उत्पादन में कमी होने के क्या कारण हैं।

उत्तर-  सन 1951 के बाद गेहूं ,चावल जैसे खाद्यान्नों के उत्पादन में जहां वृद्धि दर्ज की गई हैं ,वही मोटे अनाजों के उत्पादन में कमी आई है इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित है-

1- चावल व गेहूं प्रमुख खाद्यान्न फसलें हैं अतः इसके उत्पादन पर अधिक जोर दिया गया।

2- फसल उत्पादन आज एक व्यवसाय बन चुका है, इस कारण किसान उन्हीं फसलों को प्राथमिकता देते हैं जिनमें अधिक लाभ मिल सके।

3- बढ़ती जनसंख्या की खाद्यान आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सरकार ने भी हरित क्रांति के लिए गेहूं व चावल के उत्पादन पर अधिक जोर दिया।

4- मोटे अनाज गरीब लोग उपयोग करते हैं अतः बाजार में इनका उचित मूल्य प्राप्त नहीं होता, और इन्हें उत्पादित करने वालों को लाभ नहीं होता।

5- सरकार द्वारा इन अनाजों के उत्पादन हेतु कोई प्रोत्साहन नहीं दिया गया।

प्रश्न-2 रूस में 1861 से 1940 के बीच किसानों की स्थिति में क्या-क्या परिवर्तन आए?

उत्तर-  सन 1863 ई. तक रूस में कृषकों अर्ध दास के रूप में रखा गया था। किसान जमीन से बंधे थे और वे बिना भू स्वामियों की आज्ञा से दूसरे काम धंधे नहीं कर सकते थे या गांव छोड़कर नहीं जा सकते थे। सन 18 सो 61 ईस्वी में जार के घोषणा के बाद किसानों को इस प्रथा से मुक्ति तो मिली मगर तब भी जमीन भू स्वामियों के पास ही थी। और किसान को यह जमीन ऊंचे किराए पर मिलती थी। जार की पहल पर भू स्वामियों ने कुछ जमीन किसानों को दे दी मगर उसके लिए किसानों को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। शासन की ओर से यह रकम भू स्वामियों को चुकाई गई और किसानों को इसे किस्तों में पटाना था। जब तक वह ऐसे पता नहीं देते उन्हें गांव छोड़कर जाने की अनुमति नहीं थी। सन 1937 तक कई पीढ़ियां बीतने पर भी किसान यह ऋण चुकाते रहे। कुल मिलाकर 18 सो 61 के सुधारों से भूस्वामि ही लाभान्वित हुए और किसान कानूनी रूप से आजाद तो हुए मगर आर्थिक रूप से और बुरे हालातों में फंस गए। कई किसान उद्योग में मजदूरी करने शहरों में चले गए। और कई किसान जार की सेना में भर्ती हो गए। अक्टूबर क्रांति 1937 के बाद लेनिन ने जमीन संबंधी ऐलान किया जिसमें भू स्वामियों की जमीन का स्पष्टीकरण और किसानों को जमीन वितरण का ऐलान किया गया हर गांव के गरीब किसानों की समितियों को वहां के भू स्वामियों की जमीन को आपस में बांटने का अधिकार दिया गया। 1997 के बाद भू स्वामियों की जमीन किसानों के बीच वितरित होने से अधिकांश कृषक मध्यम दर्जे के किसान बन गए और कुछ बड़े किसान भी थे। लेकिन खेती के तरीके अभी भी पारंपरिक थे। और उत्पादन कम था इस बात को देखते हुए स्टालिन ने कृषि में भारी बदलाव लाने की पहल की इसके तहत किसानों को कहा गया कि वे अपने अपने खेतों को मिलाकर विशाल सामूहिक फार्म बनाएं ताकि बड़े पैमाने में खेती की जा सके। और खेती में मशीनों व अन्य आधुनिक तरीकों का उपयोग किया जा सके छोटे व मध्यम किसान इसके लिए तैयार हो गए ।मगर ज्यादातर बड़े किसान और मध्यम किसानों ने इसका विरोध किया विरोध करने वालों पर जोर जबरदस्ती की गई। और वे लाखों की संख्या में गिरफ्तार किए गए कालापानी भेजे गए या मार दिए गए। 

प्रश्न-3 ऋण की सुविधा एक और हमारी आय बढ़ाने में सहायक होती है वहीं दूसरी ओर कर्ज के जाल में फंसा देती है कैसे ?आसपास के उदाहरणों से समझाइए।

उत्तर–   ऋण अगर औपचारिक क्षेत्र से लिया गया हो तो वह हमारी आय बढ़ाने में सहायता करता है उदाहरण के लिए हमारे पड़ोसी श्याम ने किराए की दुकान खोलने के लिए बैंक से ₹200000 ऋण लिया। इसके बदले में उसने अपना घर ऋण आधार के रूप में बैंक के पास बंधक बनाया जब श्याम की दुकान 2 महीने बाद अच्छी चलने लगी तो उसने रीढ़ की किस्त 10,000 प्रतिमा देना आरंभ किया धीरे-धीरे उसकी दुकान अच्छी चलने लगी और 3 वर्ष में श्याम ने अपना पूरा ऋण चुका दीया। तथा घर भी छुड़ा लिया। इस प्रकार ऋण ने श्याम की आए बढ़ाने में सहायता की गांव में छोटे-मोटे किसानों के पास औपचारिक क्षेत्र से ऋण प्राप्त करने के लिए साख का अभाव रहता है जिसके कारण उन्हें गांव में ही महाजन से ऋण लेना पड़ता है। इसका ब्याज इतना अधिक होता है कि वह इसको चुका नहीं पाता और उसे दूसरा ऋण लेना पड़ जाता  है। इस प्रकार गरीब लोग एक बार कर्ज के जाल में फंसते हैं तो उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है।

प्रश्न-4 मुद्रा किसे कहते हैं? मुद्रा के लिए मापन का आधार क्यों जरूरी है?

उत्तर- ‌ मुद्रा पैसे या धन के उस रूप को कहते हैं जिससे दैनिक जीवन में क्रय और विक्रय होती है। इसमें सिक्के और कागज के नोट दोनों आते हैं। आमतौर से किसी देश में प्रयोग की जाने वाली मुद्रा उस देश की सरकारी व्यवस्था द्वारा बनाई जाती है। मसलन भारत में रुपया वा पैसा मुद्रा है। मुद्रा के मापन आधार होना जरूरी है क्योंकि मापन के आधार से मुद्रा की कीमत निर्धारित होती है।

असाइमेंट-3 किसे कहते हैं? Cg board assignment-3 का क्या मतलब होता है ?

Assignment को हिंदी में कई नामों से जाना जाता है ।जैसे – सत्रीय कार्य, दत्त कार्य या प्रदत्त कार्य भी कहा जाता है।यह असाइनमेंट सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक हैं ।अगर आप cg board assignment-3 को हल्के में ले रहे हैं तो यह बहुत ही गलत है क्योंकि इससे आपको बहुत ज्यादा नुकसान होने वाला है इससे आप की अंतिम ग्रेड प्रभावित होगी ।cg board assignment 3 Class 10& 12th answer pdf download आप इस वेबसाइट की मदद से कक्षा 10वीं और कक्षा बारहवीं के असाइनमेंट 3 के सभी विषयों के उत्तर देख सकते हैं ।यह असाइनमेंट केवल कक्षा 10 और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए जा रहे हैं ।

Assignment -3 मैं अच्छा उत्तर कैसे लिखें ? (How to write Assignment-03 in Hindi)

अगर आप जानना चाहते हैं कि असाइनमेंट में अच्छा उत्तर कैसे लिखा जाता है तो आप पोस्ट को पूरा पढ़ें ।अगर आप असाइनमेंट लिखने जा रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि असाइनमेंट लिखने के लिए आपको किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है ।cg board assignment-1 & cg board assignment-02 मैं आपको पता चल ही गया होगा लेकिन फिर भी एक बार मैं आपको बता देता हूं ।

सबसे पहले आप बाजार से बड़े आकार के पेपर या प्रोजेक्ट पेपर खरीद ले साथ ही आप एक ब्लू पेन भी खरीदें ।इस बात का ध्यान रखें कि आप लाल पेन का बिल्कुल भी इस्तेमाल ना करें ।असाइनमेंट लिखते समय आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना है जो आपको नीचे बताई गई हैं ।

Assignment लिखते समय निम्न बातों का ध्यान रखें ?

1)असाइनमेंट में दिए गए शब्द सीमा में ही सभी प्रश्नों के उत्तर लिखिए ।

2)लाल पेन का उपयोग ना करें ।

2)अनावश्यक शब्दों का प्रयोग ना करें ।

4) प्रश्न के अकॉर्डिंग ही उत्तर दें ।

5) सबसे महत्वपूर्ण सुंदर हैंडराइटिंग में लिखें ।

असाइमेंट-3 का फर्स्ट पेज कैसे बनाये ?

असाइनमेंट के फर्स्ट पेज को फिल करने में ज्यादातर स्टूडेंट्स गलती कर देते हैं ।असाइनमेंट के फर्स्ट पेज में जो आपको सूचनाएं दी जाती है उसी के अनुसार आपको उसे फिल करना होता है ।जैसे कि पाठ्यक्रम का कोड असाइनमेंट कोड, टॉपिक का नाम ,आपका नाम और आपके पिताजी का नाम भी पूछा जा सकता है ।यह सभी जानकारी भरना बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है इसके बिना आप का असाइनमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा ।फर्स्ट पेज पर सारी जानकारी भरने के बाद आप असाइनमेंट लिखना शुरू कर सकते हैं ।असाइनमेंट लिखने के पूरे आप यही भी जान लीजिए कि असाइनमेंट आपको अपनी हैंडराइटिंग में लिखना होगा आप उसे टाइप करके नहीं लिख सकते और आप अपने किसी घर के मेंबर से भी असाइनमेंट नहीं लिखवा सकते ।अगर बोर्ड को यह पता चलता है कि आपने अपना असाइनमेंट किसी दोस्त या घर के किसी अन्य मेंबर से लिखवाया है तो आप का असाइनमेंट निरस्त भी किया जा सकता है ।कुछ विशेष परिस्थितियों में आपको छूट दी जा सकती है पर आपको असाइनमेंट स्वयं ही लिखना पड़ेगा ।आपको प्रत्येक असाइनमेंट की एक अलग से फाइल बना लेनी है ।अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखकर अपना असाइनमेंट लिखना स्टार्ट करते हैं तो आप का असाइनमेंट बहुत ही आकर्षक और सबसे यूनिक रहेगा ।ऊपर दी गई सभी बातों को ध्यान में रखकर ही अपना असाइनमेंट लिखना स्टार्ट करें ।

असाइमेंट-03 को लिखते समय कौन-कौन सी सावधानी है जिन का विशेष ध्यान रखें ?

1. असाइनमेंट लिखने के पूर्व आप रफ वर्क जरूर करें |

2.असाइनमेंट के प्रत्येक सवाल को एक से दो बार पढ़ कर ही अपना उत्तर लिखें और इस बात का ध्यान रखें कि प्रश्न में जो बात पूछी गई है उसी का उत्तर सबसे पहले दें और प्रश्न की शब्द सीमा का भी ध्यान रखें ।

3.प्रश्न का उत्तर लिखने से पहले क्वेश्चन से संबंधित टॉपिक के बारे में अपनी बुक में पढ़ें ।

4.अगर हो सके तो डायग्राम का उपयोग असाइनमेंट में जरूर करें |

5.असाइनमेंट में अपने उत्तर को पॉइंट वाई पॉइंट लिखें ।

6.उत्तर लिखते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भाषा में त्रुटि ना हो ।मात्रा और व्याकरण संबंधी गलतियों पर विशेष ध्यान दें |

7.असाइनमेंट में ज्यादा कलर करने का उपयोग ना करें ।

छ.ग. असाइनमेंट 03 कक्षा 10वीं & 12वीं 2021-22 solution all subject download PDF

CG Board जिसका पूरा नाम Chhattisgarh Board of Secondary Education है जिसे हम आम भाषा में सीजी बोर्ड कह देते हैं ।सीजी बोर्ड दसवीं के हिंदी का असाइनमेंट 3 परीक्षा बहुत ही जल्दी आयोजित करने वाला है ।अगर आप छत्तीसगढ़ बोर्ड के असाइनमेंट 3 का सलूशन { CG Board Assignment 3 Class 10 Solution PDF Download 2021} देख रहे हैं तो आपको इस वेबसाइट पर संपूर्ण सलूशन मिल जाएगा ।

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प्रश्न-1 डार्विन के सिद्धांत को राजनयिकों ने किस प्रकार दुरुपयोग किया ?क्या दूसरे देशों पर आधिपत्य करने वाले देश ही उन्नति कर सकते हैं ?समझाइए।

उत्तर- प्रथम विश्व युद्ध के समय कई लोग डार्विन के सिद्धांत से प्रभावित थे अर्थात वे सामाजिक डार्विन में विश्वास करते थे अर्थात वे सोचते थे कि योग्यतम राष्ट्र ही बचेगा और उन्नति करेगा। अतः यह विश्वास उत्पन्न हुआ की संघर्ष जीवन का प्राकृतिक नियम है और विकास के लिए आवश्यक है विभिन्न राष्ट्र के लोग अपनी अपनी संस्कृति को उत्कृष्ट समझते थे और कमजोर राष्ट्रों पर शासन करना अपना कर्तव्य मानते थे। इसी बहाने अन्य जातियों पर अपना प्रभाव स्थापित करने की चाहत से मानवता की संभावना कमजोर पड़ने लगी और नरसंहार से लोगों की नैतिक भावना को अधिक ठेस नहीं पहुंचती थी इस प्रकार अर्थिंग के सिद्धांतों का दुरुपयोग हुआ।

प्रश्न-2 प्रथम विश्व युद्ध में सैनिकों की दशा सुधारने के लिए क्या क्या कदम उठाए जा सकते थे?




उत्तर- प्रथम विश्व युद्ध की घोषणा हेतु हर देश की सरकार व्यापक पैमाने पर सैनिकों की भर्ती में जुट गई। ज्यादातर देशों में युवाओं को जबरदस्ती सेना में भर्ती कराया गया। इसमें ज्यादातर गरीब किसान और मजदूर थे उस समय सैनिकों को कई महीने ठंड और बरसात में टेण्टों में अत्यंत दयनीय स्थानों में रहना पड़ता था साथ ही उन दिनों एंटीबायोटिक दवाओं का अविष्कार नहीं हुआ या जिसके कारण मामूली चोट लगने पर भी अस्वच्छ खाइयों में रहने वाले सैनिक संक्रमण का शिकार हो जाते थे वास्तव में इस समय सैनिकों की दयनीय दशा में सुधार हेतु अनेक आवश्यक कदम उठाना अनिवार्य था। बेहतर भोजन स्वच्छ आवास एवं उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मानवीय व्यवहार सैनिकों की मूलभूत आवश्यकताएं थी जिनमें सुधार करना पहली आवश्यकता थी।


प्रश्न-3 संसद का न्यायिक काम क्या है? इस काम को उच्चतम न्यायालय को न देकर संसद को क्यों दिया गया है?




उत्तर- संसद के न्यायिक कार्य राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति तथा उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को पद से हटाने के प्रस्तावों पर विचार करने का कार्य संसद के न्यायिक कार्य के अंतर्गत आता है। न्याय काम को उच्च न्यायालय को ना देकर संसद को इसलिए दिया गया है क्योंकि कानून बनाने में वक्त लगता है दो बार कानूनों पर विचार विमर्श जैसे अपने कानून निर्माण के पहले दोनों सदनों में विचार-विमर्श कर इसे पारित किया जाता है अतः हर कानून पर दो बार चर्चा होती है। इसे जल्दबाजी में या त्रुटिपूर्ण कानून बनाने से बचा जाता है। उच्चतम न्यायालय का काम केवल इन कानूनों पर अपराध के अनुसार न्याय देने का होता है।



प्रश्न-4 भारत के राष्ट्रपति की शक्तियों एवं कार्यों की संक्षेप में विवेचना कीजिए।



उत्तर- राष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियां:




1- कार्यपालिका संबंधी कार्य एवं शक्तियां-


•महत्वपूर्ण पदों में नियुक्ति, जैसे प्रधानमंत्री, राज्यपाल, महान्यायवादी ,सीएजी


•प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति


2- आपातकालीन शक्तियां एवं कार्य-


•युद्ध या वाह्य आक्रमण या शस्त्र विद्रोह से उत्पन्न आपातकाल की घोषणा


•राज्य में राष्ट्रपति शासन


•वित्तीय आपातकाल की घोषणा


3- सैन्य शक्तियां एवं कार्य-


•तीनों सेनाओं का मुखिया होता है।


•युद्ध और शांति की घोषणा करता है।


4- न्यायिक शक्तियां-


•क्षमादान की शक्ति है।


•सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श मांगने की प्रशक्ति


5- वित्तीय शक्तियां एवं कार्य-


•वित्त विधेयक या अनुदान को पूर्व स्वीकृति


•भारत की आकस्मिक निधि


•वित्त आयोग की नियुक्ति


6- विधायी शक्तियां-


•दोनों सदनों के अधिवेशनों की बैठक बुलाता है तथा बैठकों की समाप्ति की घोषणा करता है।


•सांसद की योग्यता का निर्धारण चुनाव आयोग के परामर्श से


•अध्यादेश जारी करने व कानून को स्वीकृति देने की शक्ति

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